नूर-ए-ज़िंदगी

"नूर-ए-ज़िंदगी " पुस्तक के रचना का र आचा र्य प्रेम भा टि या हैं। यह पुस्तक मानव जीवन, आत्मज्ञान और सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है। इसमें जीवन के वि भिन्न पहलुओं पर आधारित विचार प्रस्तुत किए गए हैं, जो पाठकों को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करते हैं। पुस्तक का उद्देश्य यह है कि व्यक्ति अपने जीवन में प्रेम, करुणा और आध्यात्मिकता को अपना कर बेहतर जीवन जी सके। आचार्य प्रेम भाटिया के शब्दों में एक ऐसी सादगी और गहरा ई है, जो पाठकों को उनके आंतरि क और बाहरी संसार को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है। इस पुस्तक में जीवन के नैतिक, आध्यात्मि क और व्यवहारिक पक्षों को संतुलित रूप से प्रस्तुत कि या गया है, जिससे पाठक आत्ममंथन कर अपने जीवन को अधिक सार्थक बना सके।

आचार्य प्रेम भाटिया ने सरल भाषा में गहरी जीवनदृष्टि को समा हित कि या है, जिससे हर वर्ग के पाठक इससे जुड़ा व महसूस कर सकते हैं। "नूर-ए-ज़िं दगी " न केवल आत्मवि का स की दिशा में एक मार्गदर्शक है, बल्कि यह समाज में सकारात्मकता और मानवी य मूल्यों को भी बढ़ावा देने का प्रयास करती है।

Language

Hindi

Publication

प्रका शन वर्ष: 1996, 2007 88607-93022

Contact

88607 93022

Rating

4.5/5

Acharya Prem Bhatia

Acharya Prem Bhatia

Author and Yoga instructor