
आईना -ए-हकीकत
'आईना -ए-हकी कत' प्रेम भाटिया की पहली पुस्तक है, जिसमें जीवन की सच्चाइयों और मानवीय भावनाओं को गहराई से उजागर किया गया है। यह पुस्तक विभिन्न स्थितियों , अनुभवों और विचारों का प्रतिबिंब प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को आत्म-विश्लेषण और वास्तविकता की ओर ले जाती है।
पुस्तक में जीवन की कठिनाइयों , संघर्षों , मानवीय भावना ओं जैसे प्रेम, उम्मीद, खुशी और गम के पहलुओं को सरल भाषा और स्पष्टता के साथ व्यक्त किया गया है। रचनाकार ने इसमें आत्म-निरीक्षण की प्रक्रिया को प्रमुखता दी है, जो पाठकों को अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। इस संग्रह में ग़ज़ल, नज़्म और कविताओं के माध्यम से लेखक ने सत्य को स्वीकार करने और जीवन की अनिश्चितताओं को समझने का प्रयास किया है।
आचार्य प्रेम भाटिया का लेखन सहज, सरल और हृदयस्पर्शी है, जो पाठकों के दिलों को छूता है। शायर काबिल देहलवी ने इस कृति की प्रशंसा करते हुए इसे जीवन के विविध पहलुओं को समझने का बेहतरी न मा ध्यम बता या है।
Language
Hindi
Publication
प्रका शन वर्ष: प्रथम संस्करण 2000, 2002, 2003, 88607-93022
Contact
88607 93022
Rating
4.5/5

Acharya Prem Bhatia
Author, Yoga Instructor